मेरी पसंदीदा गायिका :- "लता मंगेशकर जी"

लता मंगेशकर जी मेरी पसंदीदा गायिका है !
उनकी आवाज़ में जो जादू और कसीस है वो किसी में नहीं है !

लता मंगेश्कर
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पृष्ठ्भूमि
जन्म28 सितंबर 1929 (1929-09-28) (आयु 82)इंदौर, तत्कालीन सेंट्रल इंडिया एजेंसी, भारत
शैली(यां)फिल्म संगीत (पार्श्वगायिका), भारतीय शास्त्रीय संगीत
व्यवसायगायिका
वाद्यVocalist
सक्रीयता काल1942 - वर्तमान
भारत  रत्न लता मंगेशकर (जन्म 28 सितंबर, 1929 इंदौर), . भारत की सबसे लोकप्रिय और आदरणीय गायिका हैं जिनका छ: दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा पड़ा है। हालांकि लता जी ने लगभग तीस से ज्यादा भाषाओं में फ़िल्मी और गैर-फ़िल्मी गाने गाये हैं लेकिन उनकी पहचान भारतीय सिनेमा में एक पार्श्वगायक के रूप में रही है। अपनी बहन आशा भोंसले के साथ लता जी का फ़िल्मी गायन में सबसे बड़ा योगदान रहा है।
लता की जादुई आवाज़ के भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ पूरी दुनिया में दीवाने हैं। टाईम पत्रिका ने उन्हें भारतीय पार्श्वगायन की अपरिहार्य और एकछत्र साम्राज्ञी स्वीकार किया है।

पेश है उनका गया हुआ ये गाना ......

ऐ मेरे वतन के लोगों
तुम ख़ूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सबका
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर
वीरों ने है प्राण गंवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो -2
जो लौटके घर न आए -2

ऐ मेरे वतन के लोगों
ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो कुर्बानी

जब घायल हुआ हिमालय
खतरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी साँस लड़े वो -2
फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा
सो गए अमर बलिदानी
जो शहीद …

जब देश में थी दिवाली
वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में -2
वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने
थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद ..

कोई सिख कोई जाट मराठा -2
कोई गुरखा कोई मदरासी -2
सरहद पे मरनेवाला -2
हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर
वो खून था हिन्दुस्तानी
जो शहीद …

थी खून से लथपथ काया
फिर भी बंदूक उठाके
दस -दस को एक ने मारा
फिर गिर गए होश गँवा के
जब अंत -समय आया तो
कह गए के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों
अब हम तो सफर करते हैं -2
क्या लोग थे वो दीवाने
क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद …

तुम भूल न जाओ उनको
इसलिए कही ये कहानी
जो शहीद … 
जय हिंद जय हिंद की सेना -2
जय हिंद , जय हिंद , जय हिंद

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